सरकार और किसानों के बीच 11वें दौर की बैठक भी बेनतीजा रही

नयी दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों को लेकर किसान और सरकार के बीच तकरार लगातार जारी है। किसान और सरकार के बीच 11वें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। एक ओर जहां किसान कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं तो वहीं सरकार किसी भी कीमत पर इन कानूनों को वापस लेने को तैयार नहीं है। सरकार कानूनों में संशोधन करने को तैयार है और साथ ही साथ सरकार यह कह रही है कि वह एमएसपी को लेकर गारंटी दे सकती है। किसान आंदोलन के लगभग 55 दिन से ज्यादा हो चुके है। सरकार ने कहा कि हमने किसानों को एक प्रस्ताव दिया और अगर उनके पास बेहतर प्रस्ताव है तो वे हमारे पास आ सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले को लेकर सुनवाई जारी है। कोर्ट ने इसके लिए एक कमेटी का गठन भी कर दिया है। कमेटी को लेकर भी तकरार है। हालांकि सरकार ने 10वें दौर की वार्ता में किसानों के समक्ष तीनों कानूनों के क्रियान्वयन को डेढ़ साल तक स्थगित करने का प्रस्ताव रखा था लेकिन किसान संगठनों ने उनके इस प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया। वहीं कुछ किसान नेताओं ने कहा कि प्रस्ताव पर अभी अंतिम निर्णय किया जाना बाकी है। अब नए सिरे से एक बार फिर से सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए बातचीत कर रही है।

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