84 प्रतिशत लोगों ने वैक्सीनेशन की इच्छा जताई: सर्वे

नई दिल्ली। भारत के अग्रणी हेल्थ केयर कंपनी 1mg.comएवं रिसर्च बेस्ड पॉलिसी थिंक टैंक ब्रीफ द्वारा हाल ही में किए गए एक सर्वे में यह बात उभरकर सामने आई कि 84% लोग डॉक्टर की सलाह पर कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिए तैयार हैं। जबकि 24% इसके साइड इफेक्ट के परिणाम के आधार पर इसका चयन करना चाहते हैं। वैक्सीनेशन नहीं लेने की मानसिकता रखने वाले लोगों में से 36% को साइड इफेक्ट का डर है। 42% लोग वैक्सीनेशन के लिए ₹500 तक खर्च करने के लिए तैयार हैं। जबकि 27% 500 से 1000 रुपए तक का खर्च करने के लिए राजी हैं। 1mg डॉट कॉम और ब्रीफ ने ऑनलाइन किए गए सर्वे के आंकड़े जारी किए हैं। यह सर्वे दिसंबर 2020 से जनवरी 2021 के बीच किया गया, जिसमें करीब 30392 लोगों ने सहभागिता की।
हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए केंद्रीय वित्त बजट को देखते हुए यह सर्वे और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। वित्त मंत्रालय ने कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिए 35000 करोड रुपए का आवंटन किया है। साथ ही भविष्य में और फंड दिए जाने की बात भी कही है। स्वास्थ्य और देखभाल यूनियन बजट के छह आधार पिल्लर्स में से दो महत्वपूर्ण पिल्लर्स के रूप में शामिल किए गए हैं। सर्वे में कोविड-19 वैक्सीनेशन लेने वाले लोगों के वैक्सीनेशन लेने के कारण भी सामने आए। कमजोर परिवार के सदस्यों वाले 28% लोग और ज्यादातर समय सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले 22% लोगों ने प्राथमिकता से कोविड-19 वैक्सीनेशन लेने की इच्छा जताई। जबकि 74% लोगों का बहुमत सर्वे में इस बात पर सामने आया कि वह वैक्सीनेशन और इसकी प्रक्रिया को लेकर समय-समय पर होने वाले बदलावों को लेकर अपडेट रहना चाहते हैं।
सर्वे में 84% प्रतिभागियों का कहना था कि वे कोविड-19 वैक्सीनेशन लेना चाहते हैं, इनमें से 28% परिवार के सदस्यों के कमजोर रहने के चलते टीकाकरण के च्छुक दिखे, तो 22% ज्यादातर समय सार्वजनिक स्थानों पर रहने के कारण।
सर्वे में 36% लोगों में प्राथमिक चिंता साइड इफेक्ट्स की रही। वैक्सिंग ना लेने की इच्छा जताने वाले लोगों में से 36% में साइड इफेक्ट्स का डर सामने आया।
कीमतों की बात करें तो सर्वे में शामिल 42% लोग 500 तक और 27% 1000 तक का खर्च करने की इच्छा जताते दिखे। सर्वे में शामिल लोगों में से 74% लोगों का बहुमत सर्वे में इस बात पर सामने आया कि वह वैक्सीनेशन और इसकी प्रक्रिया को लेकर समय-समय पर होने वाले बदलावों को लेकर अपडेट रहना चाहते हैं। इस सम्बन्ध में प्रशांत टंडन, सीईओ 1एमजी ने कहा , भारत और दुनिया भर में अब तक के सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रम को लेकर नागरिकों की धारणाओं को समझना बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि इन्हें अलग-अलग जगहों से मिल रही जानकारियों से उनके विचार बदलते रहते हैं। प्रभावी टीकाकरण कार्यक्रम के लिए उपभोक्ताओं की चिंता को समझना और जानकारियों को उन तक ठीक ढंग से पहुंचाना आवश्यक है। हमारे द्वारा किया गया सर्वे जनवरी 2021 तक टीकाकरण के प्रति आमजन की प्राथमिक धारणाओं को सामने लाता है, जो कि टीकाकरण कार्यक्रम आगे बढ़ने के साथ बदलती और बढ़ सकती हैं। अफाक हुसैन, डायरेक्टर, ब्रीफ के अनुसार पायलट सर्वे में सामने आई जानकारियां बहुत ही रोचक है। कोविड-19 वैक्सीनेशन को लेकर यह लोगों की धारणाओं को सामने लाती है और यह लोगों की चिंताओं को प्रकट करने से आने वाले समय में वैक्सीनेशन कार्यक्रम को सहज रूप से संचालित करने में मददगार साबित होंगी।

    Leave Your Comment

    Your email address will not be published.*