नागोया में भारत के 85 पदक हांगझोउ के रिकॉर्ड 106 पदकों से कम रहे और स्वर्ण भी 28 से घटकर 21 रह गए। फिर भी भारत चौथे स्थान पर रहा; उज़्बेकिस्तान के भी 21 स्वर्ण थे, पर रजत ज़्यादा होने से भारत आगे रहा।
दिलचस्प बात यह कि नौवें दिन तक भारत 12वें स्थान पर खिसक गया था, जब एक दिन में सात पदक मिले पर स्वर्ण एक भी नहीं। उसके बाद तीरंदाज़ी, कुश्ती और मुक्केबाज़ी ने वापसी कराई। कुश्ती का प्रदर्शन 1962 के जकार्ता खेलों के बाद सबसे अच्छा रहा। यानी शुरुआती सुस्ती के बावजूद आख़िरी दिनों की कसावट ने भारत को शीर्ष चार में बनाए रखा।

